देश की सुरक्षा के लिए रतन टाटा उतरे मैदान पर..टाटा बनाएगी अब चीन की बर्बादी का हथियार

कुछ दिनों से डोकलाम विवाद के कारण चीन और भारत के बीच की परिस्थितिया काफी ख़राब चल रही है. इसी बीच चीन की सेना ने कई बार भारत की सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की. पर हमारी सेना ने उनके इरादों में पानी फेर दिया.

भारत के चीन के साथ हे नहीं बल्कि पाकिस्तान के साथ भी रिश्ते काफी ख़राब है. इसी बात का फायदा उठाने के चक्कर में चीन दिख रहा है.  वह भारत और पाकिस्तान के ख़राब रिश्तो का फायदा उठाने के फ़िराक में है.

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इसलिए चीन ने हाल हे में पाकिस्तान के लिए अपनी वीटो पावर तक इस्तेमाल कर ली. वह कोशिश कर रहा है की पाकिस्तान के साथ हाथ मिला कर भारत पर हमला कर ले. ऐसे में जब भारत दोनों तरफ से अपने दुश्मनो से घिरा है उसे और भी ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है.

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भारत के सैनिक अपने आप को भविष्य में होने वाले किसी भी युद्ध के लिए खुद को तैयार करके बैठे है. देश की सुरक्षा के लिए सिर्फ हमारे सैनिको ने ही नहीं बल्कि देश के दो बड़े बिजनेस टायकून्स ने भी कमर कस ली है. मुकेश अंबानी कि कंपनी रिलायंस इजराइली कंपनी राफेल के साथ मिलकर मिसाइलों का निर्माण करने में लग गई है.

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वहीं दूसरी तरफ देश कि सुरक्षा के लिए रतन टाटा भी मैदान में आ चुके है. भारत ने अमेरिका के साथ एफ-16 फाइटर प्लेन के निर्माण के लिए डील किया है और इस डील का जिम्मा रतन टाटा कि कंपनी ने लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब हाल ही में अमेरिका गये थे तो उन्होंने अमेरिका के साथ 2.5 बिलियन डॉलर यानी 165 अरब रुपये का रक्षा सौदा किया था.

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भारत ने अमेरिका के साथ अपाचे हेलीकॉप्टर और चिनूक हेलीकॉप्टर की डील की थी। इस समय इनको असेम्बल करने का काम किया जा रहा है.  टाटा कंपनी भारत की सेना के लिए पहले ही काम कर चुकी है. टाटा ने ही सेना के लिए उन्नत श्रेणी की तोप का निर्माण किया है. इसके अलावा टाटा सेना के लिए एंटी लैंडमाइन व्हीकल भी तैयार कर रहा है.

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