इस देश में भी जारी किया जा चूका है नोटबंदी, हालत की ऐसी आज भूखे मर रहे लाखों लोग

पिछले साल 2016 में मोदी सर्कार ने नोटबंदीका ऐलान कर दिया था. डेमोनेटिज़ेशन यानी की नोटबंदी में 500 और 1000 के पुराने नोटों को बन करके 2000 और 500 के नए नोट सर्कार ने जारी करवाए थे. इसकी वजह से भारत के सभी राज्यों के सभी बैंक्स में इतनी ज़्यादा भीड़ उमड़ी की कई लोगों की मौत की खबरें तक आने लगी.

नोटबंदी के चलते लोगों को भरी नुक्सान उठाने पड़े क्युकी कोई भी पुराने नोटों को लेने से मन कर रहा था इसलिए कोई भी बहार जाकर सामान नहीं खरीद पा रहा था. इसके अलावा बैंक्स की भीड़ की वजह से लोगों को दिन रात लाइन में लगना पड़ता था ताकि उन्हें नए नोट मिल सके पुराने नोटों के बदले में.

इसकी वजह से दुकानदारों को भरी नुक्सान का सामना करना पड़ा जब उन्हें नकली नोट हाथ लगने लगे. लोग नए नोटों का हवाला देकर उनसे चीज़ें खरीद लेते और जब वो दूकानदार बैंक से इसकी पुष्टि करने जाता तब उसे पता लगता की ये नोट नकली है.

लेकिन अगर आपको ये लग रहा है की सिर्फ भारत ही अकेला ऐसा देश है जिसने नोटबंदी का ऐलान किआ तो दुबारा सोच लीजिये. आपको बता दे की भारत से करीब १५ हजार किलोमीटर दूर एक और देश इसी तरह के प्रयोग कर रहा था.

नोटबंदी का वहां ऐसा गलत प्रभाव हुआ की लोग आज भी भूके मर रहे हैं. वहां अब भी स्थिति ऐसी है कि लोग रोजमर्रा की चीजें खरीदने के लिए भी बोरियों में भरकर पैसे ले जाते हैं।

आप जानकार हैरान हो जाएंगे की इस देश में अब दूध और अंडे की कीमत कहा पहुंच गई है. इस देश में एक लीटर दूध की कीमत 13 हजार रुपए से अधिक हो गई है। जबकि एक दर्जन अंडे का भाव 10 हजार रुपए से अधिक है यानी एक अंडा करीब 900 रुपए में बिक रहा है.

हालत ऐसी हो गई है की कई लोगों को हफ्ते में सिर्फ 4-5 दिन ही खाना मिल पा रहा है और कुछ लोगों को तो कई महीनों से भरपेट भोजन भी नसीब नहीं हुआ है.

ऐसे में यहाँ हर जगह सड़कों पर दंगे हो रहे हैं और अब तो अमेरिका ने भी उस पर प्रतिबन्ध लगा दिया है.

हम बात कर रहे हैं साउथ अमेरिकन देश वेनेज़ुएला की. वेनेजुएला सरकार ने 11 दिसंबर 2016 को नोटबंदी का एलान किया था.

वो 100 बेलीवार वाली करंसी को बंद करवाना चाहती थी लेकिन जनता के हिंसात्‍मक विरोध के बाद सरकार ने यह फैसला एक सप्‍ताह में ही वापस ले लिया.

और कई आरोपों के साथ साथ वेनेज़ुएला के मारूदो पर ये भी आरोप लगा है की उन्होंने धांधली कर जीत हासिल करने के आरोप हैं और पुराने संविधान को भंग कर नया संविधान भी बनाया है. इसकी वजह से स्थानीय लोगों ने उनका जमकर विर्रोध भी कर रहे हैं.

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