जाने कितना मुश्किल रहा गोविंदा के लिए अपनी बेटी की मौत को सह पाना ?

गोविंदा अरुण आहूजा उर्फ़ गोविंदा को आज कौन नहीं जानता। गोविंदा जी बॉलीवुड के मशहुर अभिनेताओं में से एक हैं। जो एक सदी से भी जयादा समय तक बड़े पर्दे पर छाए रहे। गोविंदा को उनके करीबी और फैंस ‘चीची’ के नाम से जानते हैं। गोविंदा ने फिल्म इल्ज़ाम (1986) से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुवात की थी । मुम्बई में जन्में इस कलाकार ने अपने अभिनय से दर्शकों को हँसाने के साथ-साथ रुलाया भी है।

गोविंदा की रील लाइफ जितनी खुली रही है उसकी तुलना में उनकी रियल लाइफ के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। सब यही मानते हैं कि टीना आहूजा उनकी बड़ी बेटी है। लेकिन बहुत कम ही लोग जानते होंगे की उनकी सबसे पहली संतान जो कि एक बेटी थी उसकी मृत्यु 4 माह की उम्र में ही हो गई थी|

यूँ तो जिस तरह गोविंदा की प्रोफ़ेशनल लाइफ आइने के जैसी साफ़ रही है। वहीं उनकी निजी ज़िन्दगी के बारे में जान पाना ज़रा मुश्किल है क्योंकि गोविंदा अपनी निजी जीवन के बारे में बात करना पसंद नहीं करते। गोविंदा अपने परिवार को लेकर कुछ ज्यादा ही संजीदा हैं।

ज़्यादातर लोग और गोविंदा के फैंस यहीं मानते है कि टीना आहूजा गोविंदा की बड़ी बेटी हैं। लेकिन बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि उनकी बड़ी बेटी और पहली संतान की 4 माह की उम्र में ही मृत्यु हो गयी थी। नर्मदा आहूजा उनकी दूसरी संतान हैं।

एक इंटरव्यू के दौरान गोविंदा ने अपनी लाइफ के इस इमोशनल लम्हे के बारे में बताया। उन्होंने कहा “मैंने अपने परिवार में 11 सदस्यों की मौतें देखी हैं जिसमें से पहली मेरी बेटी की है वह एक प्री-मैच्योर बेबी थी। जिस वजह से 4 माह की उम्र में उसकी मौत हो गयी।”

अब गोविंदा के दो बच्चे हैं उनकी बड़ी बेटी टीना (नर्मदा) और उनके छोटे बेटे है यशवर्धन हैं। गोविंदा अपने दोनों बच्चों को लेकर बेहद जागरूक हैं। उनकी बेटी ‘नर्मदा’ बॉलीवुड में करियर बनाना चाहती हैं और वे चाहते हैं कि नर्मदा का डेब्यू सलमान-खान की किसी फ़िल्म से हो।

इसके बाद गोविंदा ने कहा “बेटी के अलावा मैंने अपने माता-पिता, दो कज़िन्स, बहन और जीजा की मौत देखी है। सभी के बच्चों को मैंने बड़ा किया है क्योंकि उनकी कम्पनियाँ बन्द हो चुकी थी उनके पास कोई काम नहीं था। इसलिए मेरे ऊपर बहुत इमोशनल और फाइनेंशियल प्रेशर रहा है।”

Govinda with his daughter Tina Ahuja.

गोविंदा कहते है की वे अपने बेटे यशवर्धन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं डालना चाहते। उनका कहना है कि उनका बेटा अभी छोटा है और उसे जिस भी फील्ड में अपना करियर बनाना होगा वे हमेशा उसके फैसले की इज़्ज़त और सहयोग करेंगे।

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