इस मुख्यमंत्री की बहिन सड़क किनारे फूल बेचकर चलाती है घर

भारत में काफी सालो से परिवारवाद की राजनीति चली आ रही है. घर के एक सदस्य किसी पद पर पहुँचता है तो वही पद बादमे उसका बीटा या बेटी को मिल जाता है. एक परिवार का सदस्य कोई मंत्री बनेगा तो वह मंत्री जनता से पैसा लूट कर अपने परिवार वालो को ऐश करवाता है.

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इस तरह की राजनीति पर 3, 4 साल से काफी रोक लगा है. इस समय कुछ ऐसे लोगो कुर्सी में बैठे है जो ये सब नहीं करते. चाहे बात नरेंद्र सिंह मोदी की हो या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की. इन दोनों में एक बहुत बड़ी समानता है दोनों ने देश की सेवा के लिए अपना घर छोड़ दिया.

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नरेंद्र मोदी की माँ और पत्नी दोनों ही बहुत साधारण तरीके का जीवन व्यतीत कर रही है. ऐसा ही है युगी आदित्यनाथ की बहिन के साथ भी. योगी आदित्यनाथ की बहिन शशि अपने पति पूरण के साथ नीलकंठ मंदिर के पास पार्वती धाम में फूल प्रसाद माला की दुकान चलाती है.

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एक झोंपड़ी में अपने परिवार के साथ रह शशि की शादी 1992 में पूरन से हो गई थी. उनकी शादी के तुरंत बाद ही योगी जी घर छोड़कर चले गए। शशि ने बताया की जब से योगी सांसद बने तब से उनकी भाई योगी से कोई बात नहीं हुई है.

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उन्होंने बताया की बचपन में योगी पढाई में बहुत ही अचे थे. शशि उन्हें स्कूल ले जाती थी और स्कूल से घर लाती थी. उन्होंने बताया की वह अपनी ज़िन्दगी में काफी खुश है. बस दुःख इस बात का है की योगी से और अपने परिवार वालो से बात नहीं हो पाती.

उन्होंने बताया की वह नहीं चाहती की लोगो को पता चलें योगी उनके भाई ही. योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद काफी लोगो ने उनसे योगी जी के बारे में पूछा पर वह सबको मन कर देती है. बचपनी की राखी के समय को याद करते हुए शशि ने बताया की बचपन में जब वह योगी जी को राखी बांधती थी तोह वह कहते थे अभी तोह मेरे पास पैसे नहीं है पर बड़े होकर उनके लिए बहुत तोहफे लाएंगे.

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