अगर सांप काट ले तो फ़ौरन करे यह काम 100% बच जाएगी आपकी जान..

दुनिया में कई तरह के साप होते हैं| कुछ ज़मीन पर रहते हैं तो कुछ पानी में| वैसे तो बहुत से बहुत से लोग इन सापों को पकड़ने का प्रयास करते है| इनके ज़हर से वे कई औषधीयों का निर्माण किआ जाता है| और इनके दांतों का भी प्रयोग होता है| कुछ लोग तो इनकी खाल और दांतों की तस्करी भी करते हैं और ये बहुत ही सफल व्यापार है|

इन साहसी मनुष्यों को छोड़कर हम जैसे आम लोग सांप से बहुत डरते हैं| अगर कहीं कोई सांप गलती से दिख जाए तो हम वहां से दम दबाकर भागते है| और निश्चित ही इन साँपों का काटा बहुत ही खतरनाक होता है|

अगर सांप आपको एक बार काट ले तो कुछ ही पलों में आपकी मृत्यु हो सकती है| इसलिए ये बहुत ज़रूरी है की आपको ऐसे ज़हर से राहत के लिए कुछ नुक्से पता हो क्या पता कब ये आपके काम आ जाएँ| आपको ऐसे वक़्त में ज़ख़्मी को First Aid देना आना चाहिए और ये बहुत आवश्यक भी है|

आज हम आपको बताएँगे की ऐसे वक़्त में आपको क्या कदम उठाने चाहिए ताकि आप अपने साथी को सांप के ज़हर से बचा सकें|

भारत में कुल 550 किस्म के साँप है| जैसे कोबरा वाईपर करीत आदि| इनमें से करीब 10 जातियों के साँपों का ज़हर जानलेवा होता है. इसलिए चिंता ना करें और निश्चिंत रहे. इन नुस्खों को पढ़ें|

इन सभी साँपों में Russell viper सबसे अधिक ज़हरीला है| उसके बाद है करीत इसके बाद है वाईपर और किंग कोबरा जिसे आप कला नाग के नाम से भी जानते हैं| ये सब सांप इतने खतरनाक होते है की अगर ये आपको काट ले तो 99% आपकी मृत्यु संभव है|

लेकिन इनसे भी बचा जा सकता है अगर आप थोड़ी होशियारी से काम लें तो| आपने नोटिस किया होगा की जब सांप काटता है तो उसके दो नोकीले दांत आपके मांस में घुस जाते है और आपके शरीर में ज़हर फैलने लगता है| जब आपके खून में ज़हर होता है तो वो पहले दिल में जाता है और फिर पुरे शरीर में| ज़हर पहले ऊपर की तरफ जाएगा और दिल तक पहुंचेगा| इसके बाद पूरी बॉडी में. इस तरह खून को हर जगह पहुंचने में ३ घंटे का समय लग जाता है|

इसका अर्थ है की आपके पास ३ घंटे का वक़्त है रोगी को बचाने के लिए|

आगे पढ़िए इसके कुछ इलाज|

आप चाहे तो एक दवा अपने घर में रख सकते है. इसका नाम है| ये एक होम्योपैथीक दवाई है और बहुत सस्ती भी है| ये आपको किसी भी दवाईखाने में मिल जाएगी| ये दवाई दुनिया के सबसे खतरनाक सांप क्रैक के ज़हर से ही बानी है|

1 बूंद उसकी जीभ पर रखे और 10 मिनट बाद फिर 1 बूंद रखे और फिर 10 मिनट बाद 1 बूंद रखे| ऐसा ३ बार करने से रोगी को राहत मिलेगी|

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