जानिए लता मंगेशकर के 88 वे जन्मदिन पर उनके कुआरे होने का राज़ और रोचक बातें

जानिए लता मंगेशकर के 88 वे जन्मदिन पर उनके कुआरे होने का राज़ और रोचक बातें

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लता मंगेशकर अब तक कुल 50 हजार से जायदा गाने गए चुकी हैं।
बॉलीवुड की कोयल केहि जाने वाली लता दीदी अब तक करीबन 50 हजार से ऊपर गाने गए चुकी हैं यह सब गाने उन्होंने 36 अलग अलग भाषाओ मैं गाये हैं।

आप जान कर दंग रह जायेंगे की ‘गिनेस बुक ऑफ़ रिकार्ड्स’ मैं भी दीदी का नाम स्वर्ण अक्षरों मैं लिखा है।
1974 मैं दीदी के नाम रिकॉर्ड बना – सबसे जायदा रिकार्डेड आर्टिस्ट इन द हिस्ट्री, जिस मैं उन्होंने 25 हजार गाने 20 भाषाओ मैं गाये हैं, यह दौर था 1948 -1974 का।

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दीदी को भारत का सर्वोच्व सम्मान भी मिले हुए हैं।
2001 मैं दीदी को भारत के सर्वोच्व सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया हुए हैं। यही सम्मान माननीय डॉक्टर कालाम साहब को भी दिया गया है। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरुस्कार, पद्म भूषण से भी नवाजा गया है।

तीन देविओ की जोड़ी।
लता जी की तीन बेहेने हैं यह तो आप सभी ने सुना हे होगा, तीनो को संगीत की तीन देविओ के नाम से भी जाना जाता है, जिस मैं एक तो लता जी, आशा जी और उषा जी हैं।

एक महाराजा को दिल बैठी थी दीदी।
सूत्रों की माने तोह लता जी एक महाराज को अपना दिल दे बैठी थी, ये महाराज उनके भाई हेर्दैनथ मंकेष्कर के दोस्त थे, अगर प्यार सफल होता तोह लता जी एक राज की महारानी होती। डोंगपुर घराने के महाराज राज सिंह से लता बड़ा प्यार करती थी, दोनों की मुलाकात तब हुई जब राज लॉ की पड़े करने मुंबई आये थे।
शादी न होने के कारन रहा लता जी का आम घराने से होना, राज अपने माता पिता को वचन दे चुके थे की वोह किसी आम घराने की लड़की से शादी ना करेंगे।

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तोह ये थी लता जी से जुडी बाते | उम्मीद है आपको पसंद आयी होंगी, धन्यवाद |

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