इस मंदिर में हनुमान जी ‘डॉक्टर’ बन कर भक्तों की लाइलाज़ बिमारियों का करते है इलाज़

आस्था भारत में ऐसा विषय है जिसके बारे में जितना जाना जाए उतना कम पड़ता है। आस्था से जुडी अनेकों कहानियां आपने सुनी होंगी पर आज जो कहानी हम आपको बताने वाले है ये भी काफी चमत्कारी प्रतीत होती है। तो आईये जानते है इस अनोखी कहानी के बारे में जिसमे श्रद्धा और भक्ति के साथ आस्था से जुडी कई विचित्र बातें है।

आपको ये जानकार हैरानी होगी की भारत में एक ऐसा मंदिर है जहाँ पर हनुमान जी को ‘डॉक्टर’ के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि इस मंदिर के हनुमान स्वयं अपने एक भक्त का इलाज करने डॉक्टर बनकर पहुंचे थे। इसी के चलते आज लाखों लोग यहाँ पर गहरी आस्था के साथ पहुँचते है। मान्यता के अनुसार बताया जाता है की मंदिर के ही एक साधु शिवकुमार दास को कैंसर था।

उसे हनुमान जी ने मंदिर में डॉक्टर के वेश में दर्शन दिए थे। वे गर्दन में आला डाले थे, जिसके बाद साधु पूरी तरह स्वस्थ हो गया। सुनने में ये कथन थोडा भामित कर सकता है पर यहाँ पहुँचने वालें अनेकों ऐसे श्रद्धालु है जिनके साथ भी इस तरह की घटनाये हुई है और उनके लाइलाज रोग इस मंदिर में आने के बाद दूर हो गए।

साथ ही माना जाता है इस मंदिर की भभूत में चमत्कारी गुण है जिससे त्वचा रोग , अल्सर जैसी खतरनाक बीमारियाँ ठीक हो जाती है। यह मंदिर मध्यप्रदेश के ग्वालियर से करीब 70 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे भिंड जिले के दंदरौआ सरकार धाम में स्थित है। इस मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ आते है।

माना जाता है करीब 300 साल पहले हनुमान जी की गोपी वेशधारी मूर्ति एक पेड़ में छुपी हुई थी और पेड़ को काटने के दौरान ये मूर्ति लोगों को मिली , जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ। इस मूर्ति की खास बात है की भारत में एक एकमात्र ऐसी प्राचीन मूर्ति है जिसमे हनुमान जी को नृत्य करते हुए दिखाया गया है। अपने भक्तों का दुख-दर्द हरने वाले हनुमान जी को दर्दहरौआ भी कहा जाता है इसकी वजह से इस जगह का नाम भी दर्दहरौआ के ऊपर ‘दंदरौआ’ पड़ गया।

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