आप सोच भी नहीं सकते नीता अम्बानी अपने बच्चों को रोज़ कितनी पॉकेट मनी देती थी

मुकेश अम्बानी का जन्म 19 अप्रैल 1957 में हुआ था ये धीरूभाई अम्बानी और कोकिला बेन के बड़े बेटे हैं | 2016 में इनका फोर्बेस में भी नाम आ चूका उस बुक में इनका स्थान 38वे नंबर पर था और ये एकमात्र भारत के ऐसे बिजनेसमैन थे जिनका नाम उस किताब फोर्बेस में था |

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ये तो हम सब जानते ही हैं की अम्बानी भारत के सबसे अमीर इंसानो में से एक हैं और इनकी अमीरी हर चीज़ में झलकती है. आज मुकेश अम्बानी और नीता अम्बानी को कौन नहीं जानता. मुकेश अम्बानी इस देश के सबसे अमीर और जाने मने बिजनेसमैन में से एक है.

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वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन है. और अगर नीता अम्बानी की बात की जाए वह भी किसी से कुछ कम नहीं है. अगर मुकेश अम्बानी सबसे सक्सेस्फुल बिजनेसमैन है वही दूसरी तरफ नीता अम्बानी भी काफी सक्सेसफुल बिज़नेस वुमन है.

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अंबानी परिवार की जीवन शैली को देखते हुए, आप यह सोचते कि वे पूरी तरह से अपने जीवन का आनंद लेते हैं? अंबानी एक अरबपति है इसलिए उनके बच्चों का जीवन भी काफी लुक्सुरियस होना चाहिए. पर आप जानकार हैरान हो जाओगे की ऐसा कुछ भी नहीं है.

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मुकेश अम्बानी के बच्चे अपने स्कूल टाइम में हम लोगो की तरह ही स्कूल जाया करते थे. हालांकि नीता देश सबसे बड़े व्यापारियों में से एक मुसकेश अम्बानी की पत्नी हैं, वह यह सुनिश्चित करती है कि उनके बच्चे पैसे के ग्लैमर में न आएं। नीता खुद मध्य वर्ग के परिवार से है और अपने कॉलेज या स्कूल जाने के लिए, वह लोकल बस लेती थी.

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अपने निजी लक्जरी कारों में बच्चों को भेजने के बजाय, नीता अंबानी अपने बच्चों को स्कूल की पब्लिक बस द्वारा स्कूल भेजती थीं। यह उन्हें एक आम आदमी की जीवन शैली और समस्याओं के बारे में जागरूक करना था। नीता कहते हैं, “जीवन के बारे में जागरूक होने के बारे में है”

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2011 में एक इंटरव्यू के दौरान, नीता ने खुलासा किया कि “जब मेरे बच्चे छोटे थे, तो मैं उन्हें स्कूल के कैंटीन में खर्च करने के लिए प्रत्येक दिन 5 रुपये देती थी. एक दिन, मेरा सबसे छोटा बेटा, अनंत, मेरे बैडरूम में आया और 10 रुपये की मांग की.

जब मैंने उससे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि स्कूल में उनके दोस्त हंसते हैं जब भी उसे पांच-रूपये का सिक्का लेते हुए देखते है और कहते है ‘तू अंबानी है या भिकारी!’ मुकेश और मैं अपनी हसी नहीं रोक पाए और ज़ोर से है पड़े.

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