अब जिस किसी के पास भी होगा 2 रूपए का ये सिक्का उसे मिलेंगे 3 लाख रूपए, जानिए कैसे

आजकल के ज़माने में पैसा कितना ज़रूरी है ये बात तो आपको अच्छे से पता है. आज पैसा इतना ज़रूरी हो गया है की अगर ये आपके पास न हो तो आप पानी तक को तरस जायेंगे. यही नहीं आजकल हर चीज़ के पैसे लगते हैं और इसी लिए पैसे की एहमियत भी हमारी ज़िन्दगी में बहुत ज़्यादा है. तभी तो हर दूसरे इंसान को आपने कहते हुए सुना होगा “पैसे पेड़ पर थोड़े उगते हैं”. पैसे कमाने के लिए हमे बहुत मेहनत करनी पढ़ती है. खून पसीना बहा कर हम अपनी गुज़र बसर अच्छे से कर पाते हैं.

और सिर्फ पैसे ही नहीं इसे जुडी हर चीज़ को एहमियत दी जाती है. ज़माना बढ़ता है और अलग अलग तरीके के सिक्कों और नोटों का निर्माण होता रहता है. लेकिन इन पुराने सिक्कों की एहमियत काम नहीं होती. बल्कि इन्हे एंटीक्वेस की श्रेणी में शुमार कर दिया जाता है. ये एंटीक्वेस हमारे इतिहास का एक बहुत बड़ा हिस्सा है और इससे हम अपने इतिहास के बारे में बहुत कुछ जान पते हैं. नए आकर नाप शिलालेख से लेकर नाग रंग में रंग जाने वाले इन पैसो को ऐतिहासिक कलाकृतियों में शामिल करके इन्हे संग्रहालयों तक में जगह दी जाती है.

भारत में ऐसे देशों में से एक है जहाँ पैसों को लेकर बदलाव होते आये हैं. जिस किसी राजा से लेकर प्रधानमंत्री का शाशन रहा यहाँ उतना ही पैसों की बनावट में भी असर पड़ा. इससे पूरा देश प्रभावित होता है. हाल ही में प्रधान मंत्री ने नोट बंदी के बाद २००० रूपए और ५०० रूपए के नए नोट निकाले जो पिछले नोटों से बिलकुल अलग है.

उन्होंने १००० और ५०० के पुराने नोट बन करवा दिए और नए नोटों का शाशन पुरे देश में लागू कर दिया. लेकिन प्राचीन समय में कुछ ऐसे भी सिक्कों और नोटों का निर्माण किया गया जिनकी कीमत आज लाखों- करोड़ों में है. इन सिक्कों की बनावट ही कुछ ऐसी है की ये किसी का मन मोह ले. ये बेहद अलग और आकर्षक है.

आज हम आपको कुछ ऐसे ही सिक्कों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी कीमत लाखों में है. अगर आपके पास ये सिक्के मौजूद है तो आपको पुरे ३ लाख तक का इनाम मिल सकता है.

दरअसल आंध्रप्रदेश में सिक्कों का स्टाल लगाने वाले एक कारोबारी के पास ऐसे ही सिक्कों का संग्रह है जिसे उन्होंने पूरे तीन लाख रुपए में बेचा है. अगर आपके पास भी कोई प्राचीन सिक्का है तो आप भी उनको ऑनलाइन पोर्टल पर सिक्के बेच कर लाखोँ रुपए कमा सकते हैं.

वी.चंद्रशेखर अपना ये स्टाल वर्ल्ड तेलगु कॉन्फ्रेंस के सामने लगाते हैं. यहाँ होने वाले एग्जिवेसन के दौरान लोग उनके स्टाल पर प्राचीन सिक्कों को खरीदनें के लिए आते हैं. अक्सर इन सिक्कों की कीमत लाखों में पहुंच जाती है. हाल ही में उन्होंने २ रूपए का सिक्का पुरे ३ लाख में बेचा.

आपको बता दे की ये सिक्के १९७३ में मुंबई में मिंट के आकार में ढ़ाले गये थे. मुंबई मिंट भारत के सबसे पुरानी मिनटों में से एक है. इस मिंट का निर्माण अंग्रेजों ने किया था. मुंबई मिंट में बने सिक्कों पर हीरे का आकार बना हुआ है.

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